Home राज्यछत्तीसगढ़ चिंताजनक विषय…! गुरु घासीदास विश्वविद्यालय में छात्रों पर हमला…!

चिंताजनक विषय…! गुरु घासीदास विश्वविद्यालय में छात्रों पर हमला…!

by News Desk

बिलासपुर- गुरु घासीदास विश्वविद्यालय में आज उस समय हड़कंप मच गया जब छात्रों पर बाहरी असामाजिक तत्वों द्वारा हमला किया गया। छात्रों ने आरोप लगाया है कि फिजिकल डिपार्टमेंट के एचओडी रत्नेश सिंह और वाइस चांसलर आलोक अग्रवाल के इशारे पर यह हमला करवाया गया। इस हमले में कई छात्र-छात्राएं घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

आइए जानते है क्या है पूरा मामला?* 
जानकारी के मुताबिक, जोनल स्तर की शतरंज प्रतियोगिता में चयनित छात्रों को जाने से रोक दिया गया, यह कहकर कि विश्वविद्यालय के पास फंड नहीं है। जब छात्रों ने इस मुद्दे को लेकर रजिस्ट्रार से संपर्क किया, तो उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही समाधान निकाला जाएगा। लेकिन अगले दिन जब छात्रों ने फिर से संपर्क किया, तो कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला।इससे नाराज छात्र-छात्राएं वाइस चांसलर को ज्ञापन सौंपने पहुंचे, लेकिन जब कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वाइस चांसलर वहां से जाने लगे, तो छात्रों ने उनकी गाड़ी के सामने खड़े होकर ज्ञापन देने की कोशिश की। इसी दौरान, कथित रूप से पहले से मौजूद असामाजिक तत्वों ने छात्रों पर हमला कर दिया इस घटना में छात्र-छात्राओं के साथ मारपीट में कई छात्र घायल हुए प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि बाहरी गुंडों ने उन्हें घेर लिया और उनके साथ जमकर मारपीट की। कई छात्र-छात्राएं घायल हो गए, जिनमें से कुछ को अस्पताल ले जाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने न सिर्फ छात्रों से मारपीट की, बल्कि छात्राओं से भी दुर्व्यवहार किया।

थाने पहुंचे छात्र, एफआईआर की मांग
हमले के बाद आक्रोशित छात्र सीधे कोनी थाना पहुंचे और वाइस चांसलर आलोक अग्रवाल व एचओडी रत्नेश सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की। छात्रों का कहना है कि अगर उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस घटना के बाद छात्रों में भारी आक्रोश उत्पन हो रहा है। वही ज्ञापन देने के दौरान सक्षम पाठक, रहमान खान, जानवी यादव, वैष्णवी परसाई, आराध्या तिवारी समेत कई छात्र-छात्राएं मौजूद थे। घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में तनाव का माहौल बन गया और छात्र संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए न्याय की मांग की है।अब देखना होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।

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