Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Narad Samvad
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    Narad Samvad
    Home»देश»आज से लागू हो रहा दूरसंचार विधेयक, तीन साल की जेल का है प्रावधान
    देश

    आज से लागू हो रहा दूरसंचार विधेयक, तीन साल की जेल का है प्रावधान

    By June 26, 2024No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    आज से लागू हो रहा दूरसंचार विधेयक, तीन साल की जेल का है प्रावधान
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    आज यानी 26 जून से दूरसंचार अधिनियम 2023, आंशिक रूप से लागू होने जा रहा है। आंशिक रूप से मतलब ये है कि इस कानून की कुछ धाराओं के नियम लागू हो जाएंगे। दूरसंचार अधिनियम 2023 मौजूदा भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम (1885), वायरलेस टेलीग्राफी अधिनियम (1993) और टेलीग्राफ वायर (अवैध कब्जा) अधिनियम (1950) के पुराने विनियामक ढांचे की जगह लेगा। आज से अधिनियम की धारा 1, 2, 10 से 30, 42 से 44, 46, 47, 50 से 58, 61 और 62 के प्रावधान भी लागू हो जाएंगे। सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, सरकार सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था या अपराधों की रोकथाम के आधार पर दूरसंचार सेवाओं का नियंत्रण अपने हाथ में ले सकती है। इसके अलावा इस एक्ट में सिम कार्ड को लेकर भी कड़े प्रावधान किए गए हैं। फर्जी सिम कार्ड जारी करने पर रोक लगाने के लिए बिल में सख्त प्रावधान हैं। किसी भी तरह के सिम कार्ड फ्रॉड करने पर तीन साल की जेल और जुर्माना लगेगा। बिल के तहत फर्जी सिम कार्ड बेचने, खरीदने और इस्तेमाल करने पर भी तीन साल तक की जेल या 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। सिम बेचने के लिए बायोमेट्रिक डाटा लिया जाएगा उसके बाद ही सिम जारी होगा। एक पहचान पत्र पर 9 से ज्यादा सिम कार्ड होने पर 50 हजार रुपये का जुर्माना है। दूसरी बार यही काम करने पर 2 लाख रुपये तक का जुर्माना है।

    सिम की कॉपी करना क्राइम में शामिल

    सिम कार्ड क्लोन करने या किसी और के सिम कार्ड का दुरूपयोग करना अब दंडनीय अपराध की श्रेणी में आएगा। आपको बता दें कि देश में सिम कार्ड क्लोनिंग को लेकर काफी मामले सामने आ रहे हैं। आए दिन लोगों के सिम कार्ड को क्लोन करके लोगों के खाते से पैसे निकाले जा रहे हैं। टेलीकॉम कंपनियों को यूजर को डू-नॉट-डिस्टर्ब सर्विस रजिस्टर करने का ऑप्शन देना होगा। इसके अलावा यूजर्स को इस तरह के मैसेज की शिकायत करने का भी ऑप्शन मिलेगा। सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, सरकार सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था या अपराधों की रोकथाम के आधार पर दूरसंचार सेवाओं का नियंत्रण अपने हाथ में ले सकती है। अधिनियम के अनुसार आपात स्थिति में कोई भी दूरसंचार कंपनी जो दूरसंचार नेटवर्क स्थापित करना या संचालित करना चाहता है, सेवाएं प्रदान करना चाहता है या अनुपातिक उपकरण रखना चाहता है, उसे सरकार द्वारा अधिकृत होना होगा। सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सेवा के लिए स्पेक्ट्रम का आवंटन अब प्रशासनिक तरीके से होगा यानी इसकी नीलामी नहीं होगी। इसके अलावा अब देश के बाहर की कंपनियों को भी स्पेक्ट्रम दिए जाएंगे, हालांकि देश की टेलीकॉम कंपनियां ऐसा नहीं चाहती हैं। नए बिल से एलन मस्क के स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट की भारत में एंट्री का रास्त साफ हो गया है। इसके तहत स्पेक्ट्रम आवंटित होने वाली पहली सूची में 19 सेवाओं ग्लोबल पर्सनल सैटेलाइट कम्युनिकेशन, राष्ट्रीय लंबी दूरी और अंतरराष्ट्रीय लंबी दूरी की सेवाएं, मोबाइल उपग्रह सेवाएं, वीएसएटी, इन-फ्लाइट और समुद्री कनेक्टिविटी को शामिल किया गया है।

    कॉल टैपिंग अपराध

    बिना इजाजत टेलीकॉम नेटवर्क का डाटा एक्सेस करना, कॉल टैप करना या रिकॉर्ड करना अपराध माना जाएगा। इसके लिए तीन  साल की सजा भी हो सकती है। नए विधेयक में प्रमोशन मैसेज को लेकर भी बदलाव किए गए हैं। टेलीकॉम कंपनियों को प्रमोशनल मैसेज भेजने से पहले सरकार से इसकी इजाजत लेनी होगी। राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों को देखते हुए टेलीकॉम कंपनियों को अपने इक्विपमेंट्स केवल सरकार द्वारा आइडेंटिफाइड ट्रस्टेड सोर्स से ही लेने होंगे। यदि कोई यूजर डीएनडी सर्विस को ऑन रखता है तो उसके पास इस तरह के मैसेज या कॉल नहीं जाने चाहिए और यदि नियम का उल्लंघन होता है तो कार्रवाई होगी। प्रस्ताव ऐसे संचार पर भी रोक लगाते हैं जो ग्राहकों की प्राथमिकताओं के आधार पर वाणिज्यिक संदेशों पर दूरसंचार नियामक भारतीय दूरसंचार विनियम प्राधिकरण (ट्राई) के नियमों का उल्लंघन करते हैं।

    Related Posts

    ओडिशा के कंधमाल में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़, दो माओवादी मारे गए, मृतकों में रश्मि शामिल

    February 23, 2026

    शरद पवार परिवार में खुशखबरी: सुप्रिया सुले की बेटी रेवती की सारंग संग सगाई, नागपुर से जुड़ा रिश्ता

    February 11, 2026

    विध्वंस के 1000 साल बाद सोमनाथ में भव्य महाशिवरात्रि, 5 लाख श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

    February 11, 2026

    गौमूत्र पर विश्वास: नवजोत कौर सिद्धू का कहना – स्नान व सेवन से मिली ताकत, कैंसर से निबटने में मदद

    February 2, 2026

    1️जनवरी में यूपीआई ने बनाया नया रिकॉर्ड, 28.33 लाख करोड़ रुपये का हुआ लेन-देन

    February 2, 2026

    नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 24 घंटे उड़ानें शुरू

    February 2, 2026
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    Uttarakhand News: जनहित और विकास कार्यों को धामी सरकार का बड़ा तोहफा, 42 करोड़ की दी स्वीकृति….

    June 25, 2026

    Uttarakhand News: UK में फंसे उत्तराखंड के कैप्टन अजय पंत के समर्थन में सक्रिय धामी सरकार, रिहाई के लिए भारतीय उच्चायोग से लगातार समन्वय…..

    June 25, 2026

    हाइड्रोपोनिक्स तकनीक : खेती का नया और स्मार्ट विकल्प….

    June 25, 2026

    वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का किया भूमिपूजन….

    June 25, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक - Mohd Amir
    मोबाइल - +91 9111707573
    ईमेल - [email protected]

    कार्यालय

    छत्तीसगढ़ - Chhatrapati Shivaji Ward , Ward No.35 , Jagdalpur - 494001

    मध्यप्रदेश - 11/13, MASJID DOMNI WALI, NEAR MADINA HOTEL, IBRAHIMPURA, BHOPAL, Dist- BHOPAL
    June 2026
    M T W T F S S
    1234567
    891011121314
    15161718192021
    22232425262728
    2930  
    « May    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.