Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Narad Samvad
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    Narad Samvad
    Home»राजनीती»कर्नाटक-तमिलनाडु में फिर ठनी, मुख्‍यमंत्री स्टालिन बोले- सीडब्‍ल्‍यूआरसी पड़ोसी राज्य को पानी छोड़ने का दे आदेश
    राजनीती

    कर्नाटक-तमिलनाडु में फिर ठनी, मुख्‍यमंत्री स्टालिन बोले- सीडब्‍ल्‍यूआरसी पड़ोसी राज्य को पानी छोड़ने का दे आदेश

    By July 16, 2024No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    कर्नाटक-तमिलनाडु में फिर ठनी, मुख्‍यमंत्री स्टालिन बोले- सीडब्‍ल्‍यूआरसी पड़ोसी राज्य को पानी छोड़ने का दे आदेश
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    कावेरी जल विवाद फिर से गरमा गया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने अंतर-राज्यीय नदी विवाद को लेकर आज सर्वदलीय बैठक बुलाई। अब इस मामले में कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि पड़ोसी राज्य को अपनी समस्याओं पर बैठक करने का पूरा अधिकार है। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि स्टालिन उन्हें पानी के भंडारण करने की अनुमति दें, यही उनके हित में होगा। वहीं, बैठक के बाद सीएम एमके स्टालिन ने कहा, 'सर्वदलीय बैठक में तमिलनाडु को कावेरी का पानी छोड़ने से इनकार करने के लिए कर्नाटक सरकार की कड़ी निंदा की गई। हम सीडब्ल्यूआरसी से आग्रह करते हैं कि वह सुप्रीम कोर्ट और सीडब्ल्यूएमए के आदेश के अनुसार कर्नाटक सरकार को तमिलनाडु के लिए कावेरी का पानी छोड़ने का आदेश दे।' डीके शिवकुमार ने कहा, 'तमिलनाडु को हमारी तरह बैठक करने का पूरा अधिकार है। हमें उनकी बैठक पर कोई आपत्ति नहीं है। यह उनका कर्तव्य है। मैं उस पर टिप्पणी नहीं करना चाहता। मगर साथ ही, कल से मुझे अच्छा अंतर्वाह देखने को मिल रहा है। कावेरी क्षेत्र में 50,000 क्यूसेक से अधिक पानी है। जितना भी पानी होगा, हम हरंगी से बाहर भेजने की अनुमति दे रहे हैं। मेरे विचार से 20,000 क्यूसेक से अधिक पानी हरंगी और अन्य स्थानों से भेजा जा रहा था।' उन्होंने कहा, 'अगर भगवान ने चाह तो हमारी समस्याएं हल हो जाएंगी। मैं तमिलनाडु से एक बात कहना चाहूंगा। आपके और हमारे हित के लिए, हमारे हित से अधिक आपका हित है, आप हमें अनुमति दीजिए। हम जो भी भंडारण करेंगे, हम आपको उतना ही पानी देंगे। हम उस पानी को वापस नहीं ले सकते। कर्नाटक के लोगों की ओर से यह मेरी सरल और विनम्र अपील है। हम जिस भी तरह से सहयोग कर सकते हैं, करेंगे।' वहीं, कावेरी विवाद पर कांग्रेस विधायक रिजवान अरशद ने कहा, 'हम उम्मीद करते हैं कि तमिलनाडु सरकार समझेगी कि हमने कुछ मात्रा में पानी छोड़ने का फैसला किया है। मुझे विश्वास है कि तमिलनाडु में सद्बुद्धि आएगी और टकराव के बजाय मामले को शांतिपूर्वक ढंग से सुलझाया जाएगा। मुझे उम्मीद है कि मोदी और एचडी कुमारस्वामी आमने-सामने बैठेंगे, दोनों पार्टियों को बुलाएंगे और इसका समाधान करेंगे। हम (डीएमके-कांग्रेस) सहयोगी हो सकते हैं, लेकिन हम अपने राज्यों में शासन चला रहे हैं और अपने-अपने राज्यों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम चाहते हैं कि मोदी अपनी आंखें खोलें और कावेरी मुद्दे पर कुछ करें।'  स्टालिन ने कहा था कि 15 जुलाई 2024 तक कर्नाटक के चार मुख्य बांधों में कुल भंडारण 75.586 टीएमसी फीट है, जबकि तमिलनाडु के मेट्टूर जलाशय में जल का स्तर मात्र 13.808 टीएमसी फीट है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार इस बार पर्याप्त बारिश की गुंजाइश है। मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा था कि 'कर्नाटक द्वारा कावेरी जल नियमन समिति के निर्देशों के अनुसार पानी छोड़ने से इनकार करना, तमिलनाडु के किसानों के साथ धोखा है और राज्य कभी भी इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।' रविवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा था कि राज्य सरकार तमिलनाडु के लिए कावेरी नदी से हर रोज आठ हजार क्यूसेक पानी छोड़ने के लिए तैयार है। बता दें कि कावेरी जल नियमन समिति ने कर्नाटक सरकार को इस महीने के अंत तक तमिलनाडु के लिए हर रोज एक टीएमसी फीट पानी छोड़ने का निर्देश दिया था। तमिलनाडु सीएम ने कहा कि उन्होंने राज्य विधानसभा में सभी पार्टियों के विधायक दल के नेताओं की बैठक बुलाई है। उस बैठक में आगे के कदम पर चर्चा की जाएगी। बैठक 16 जुलाई को सुबह 11 बजे राज्य सचिवालय में होगी। 

    क्या है कावेरी जल विवाद 

    कावेरी नदी के जल को लेकर विवाद करीब 140 साल से भी ज्यादा पुराना है। साल 1881 में कर्नाटक ने नदी पर बांध बनाने का फैसला किया, लेकिन तमिलनाडु ने इसका विरोध किया। कई साल ये विवाद चलने के बाद ब्रिटिश सरकार ने इसमें हस्तक्षेप किया और दोनों राज्यों के बीच एक समझौता कराया। इसके समझौते के तहत नदी के जल का 556 हजार मिलियन क्यूबिक फीट पानी तमिलनाडु को और 177 हजार मिलियन क्यूबिक पानी कर्नाटक को मिलना तय हुआ। कावेरी नदी कर्नाटक के कोडागू जिले से निकलती है और तमिलनाडु से होती हुई बंगाल की खाड़ी में गिरती है। नदी का कुछ हिस्सा केरल और पुडुचेरी में भी है। साल 1972 में एक कमेटी गठित की गई। इस कमेटी ने 1976 में चारों राज्यों के बीच नदी के जल को लेकर एक समझौता कराया, लेकिन अभी भी नदी के जल को लेकर विवाद है। दरअसल कर्नाटक ब्रिटिश काल में हुए समझौते को तर्कसंगत नहीं मानता और तमिलनाडु उस समझौते को सही मानता है। 

    Related Posts

    पीएम मोदी वायु प्रदूषण को राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करें

    February 1, 2026

    नवजोत कौर सिद्धू ने दिया कांग्रेस से इस्तीफा, अमरिंदर सिंह पर लगाए आरोप

    February 1, 2026

    कर्नाटक के बाद अब तेलंगाना में कांग्रेस की किरकिरी, रेड्डी सरकार पर संकट?

    February 3, 2025

    फिर भड़के हरियाणा के कद्दावर नेता अनिल विज बोले- मंत्री पद छीन लो…गाड़ी भी ले लो

    February 3, 2025

    कर्नाटक में सीएम की कुर्सी को लेकर खींचतान, डीके ने खेला खेल

    February 3, 2025

    पीएम मोदी का बड़ा संदेश कहा- थाली-घंटी बजाते हुए वोट डालने जाएं

    February 3, 2025
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    सेवा सेतु से साकार हो रहा सुशासन का संकल्प, एक ही मंच पर 900 से अधिक शासकीय सेवाएं, घर और गांव के नजदीक मिल रही सुविधाएं….

    September 19, 2026

    मिशन अमृत 2.0 से शहरों में बढ़ेगी हरियाली, नागरिकों को मिलेंगे बेहतर और सुविधायुक्त सार्वजनिक स्थल: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय…..

    September 19, 2026

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर और हरित भारत के विजन को साकार कर रहा सौर ऊर्जा का संकल्प….

    September 19, 2026

    औद्योगिक नीति 2024-30 से प्रदेश में निवेश और रोजगार को नई गति, अब तक 8.23 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त….

    September 19, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक - Mohd Amir
    मोबाइल - +91 9111707573
    ईमेल - [email protected]

    कार्यालय

    छत्तीसगढ़ - Chhatrapati Shivaji Ward , Ward No.35 , Jagdalpur - 494001

    मध्यप्रदेश - 11/13, MASJID DOMNI WALI, NEAR MADINA HOTEL, IBRAHIMPURA, BHOPAL, Dist- BHOPAL
    September 2026
    M T W T F S S
     123456
    78910111213
    14151617181920
    21222324252627
    282930  
    « Aug    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.